रायपुर, 4 मई 2026।
छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जनसंपर्क दौरा लगातार चर्चा में है। कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में उनके दौरे के दौरान कई ऐसे भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण सामने आए, जिन्होंने शासन और जनता के बीच भरोसे को और मजबूत किया।

कबीरधाम जिले के बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल में मुख्यमंत्री का दौरा एक आत्मीय घटना का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में आयोजित चौपाल के दौरान ग्रामीण महिला ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात को लेकर पहुंचीं और नामकरण का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक बच्चे का जन्मदिन पूछकर उसका नाम “रविशंकर” रखा। नाम सुनते ही पूरा गांव तालियों की गूंज से भर उठा और माहौल उत्सव जैसा बन गया। यह दृश्य शासन और आमजन के बीच गहरे जुड़ाव का प्रतीक बन गया।

ग्राम लोखन में निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने औपचारिकता से आगे बढ़कर खुद श्रमदान किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं के साथ ईंट जोड़ाई में हिस्सा लिया। इस दौरान एक श्रमिक महिला ने मुस्कुराते हुए कहा—“ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए, मसाला बढ़िया से डालिए।” यह संवाद न केवल सहजता का उदाहरण था, बल्कि सरकार और जनता के बीच बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण गुणवत्ता, समयबद्ध कार्य और श्रमिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में आयोजित जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने 10वीं बोर्ड में 93.5% अंक हासिल करने वाले छात्र गिरवर पटेल को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र प्रदेश का गौरव हैं और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नए घर की चाबी सौंपी और गृह प्रवेश कराया। हितग्राही ने इसे सम्मान और विश्वास का प्रतीक बताते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि वन अधिकार पट्टा और अन्य योजनाओं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुशासन का मतलब केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जनता के साथ मिलकर उन्हें जमीन पर उतारना है। यह दौरा दिखाता है कि छत्तीसगढ़ में शासन अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सहभागिता, संवेदनशीलता और विश्वास पर आधारित एक जीवंत व्यवस्था बनता जा रहा है।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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