छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी

स्व-सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

रायपुर, 8 मार्च 2026/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आ रही है। शासन की योजनाओं, विशेषकर बिहान मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।

सरगुजा जिले में महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े निर्माण कार्यों ने महिलाओं के लिए नए व्यवसायिक अवसर पैदा किए हैं। जिले की 650 से अधिक महिलाएं सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय से जुड़ी हैं और 1000 से अधिक सेंट्रिंग प्लेट सेटों का संचालन कर रही हैं। इसके अलावा 271 महिलाएं ईंट निर्माण और कई महिलाएं सीमेंट-छड़ व्यवसाय से जुड़कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। जिले में 319 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।

धमतरी जिले में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “महतारी वंदन महिला सम्मान उत्सव” का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बस्तर से धमतरी जिले की महिलाओं के साथ द्विमार्गीय संवाद करेंगे।

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम तालगांव की श्रीमती गायत्री यादव महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी हैं। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आठ पंचायतों की महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसी तरह बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में स्थापित महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का नया केंद्र बन गया है। यहां महिलाएं संगठित होकर बैठक, प्रशिक्षण और अपने उत्पादों के भंडारण एवं विक्रय की सुविधाओं का लाभ ले रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाओं की ये उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि शासन की योजनाओं और महिलाओं की मेहनत से छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और महिलाएं विकास की मुख्य धारा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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