दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने स्पष्ट किया कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा कभी भी स्टोररूम में कोई नकद राशि नहीं रखी गई है। उन्होंने कहा कि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और उनका परिवार हमेशा कानूनी और पारदर्शी तरीके से कार्य करता आया है।

न्यायमूर्ति वर्मा ने यह बयान उस समय दिया जब उनके परिवार के खिलाफ स्टोररूम में बड़ी मात्रा में नकद राशि रखने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार हमेशा नियमों और कानूनों के तहत ही कार्य करता है और कभी भी अवैध संपत्ति या नकद राशि नहीं रखी गई है।

साथ ही, न्यायमूर्ति वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका कोई भी कर्तव्य, चाहे वह न्यायिक हो या पारिवारिक, हमेशा कानून के अनुसार होता है। उनका मानना है कि बिना किसी ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोप सिर्फ बदनामी का कारण बनते हैं।

इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति वर्मा से जवाब मांगा था, जिसके बाद उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनके इस स्पष्टीकरण से अदालत के सामने उठे सवालों का संतोषजनक उत्तर मिल गया है, और यह मामला अब निष्पक्षता से सुलझने की ओर बढ़ सकता है।

By Dhirendra Giri Goswami

धीरेंद्र गिरि गोस्वामी एक प्रसिद्ध पत्रकार हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हैं। उनके पिता रमन गिरि गोस्वामी छत्तीसगढ़ में प्रथम श्रेणी के शासकीय अधिकारी रह चुके हैं। धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने पत्रकारिता के साथ-साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। उन्होंने टीवी, डिजिटल, प्रिंट और रेडियो मीडिया में 15 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने वनइंडिया, खबर भारती, स्वराज एक्सप्रेस, बंसल न्यूज, ईटीवी, न्यूज वर्ल्ड और भारत समाचार जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संवाददाता और सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया है। धीरेंद्र ने दूरदर्शन (DD News) में रिपोर्टिंग और लाइव कवरेज किया है और आकाशवाणी (All India Radio) में युवाओं और बच्चों के कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन एवं प्रस्तुति दी है। वर्तमान में वे खबरवीर वेबसाइट के संपादक हैं, जहाँ वे ताज़ा समाचार, गहन विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग प्रदान करते हैं। उनका मुख्य फोकस राजनीति, प्रशासनिक मामलों, सामाजिक मुद्दों और कानूनी विश्लेषण पर आधारित पत्रकारिता है। धीरेंद्र ने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर, वकालत (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है, जो उनके विश्लेषण में कानूनी दृष्टिकोण जोड़ती है। वे सामाजिक जागरूकता और समाजोपयोगी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से लेखन करते हैं। विशेषज्ञता: राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, लाइव ब्रॉडकास्टिंग, युवाओं और बच्चों के कार्यक्रम प्रस्तुति।

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