छत्तीसगढ़ में UCC पर बड़ा फैसला, कैबिनेट ने गठित की उच्चस्तरीय समिति
रायपुर, 15 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
समिति की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति राज्य के नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त कर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी, जिसे विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण एवं पारिवारिक मामलों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया जटिल होती है। सरकार का मानना है कि UCC लागू होने से कानून में एकरूपता आएगी और सामाजिक एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए उनके नाम पर संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। इस निर्णय का उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इसके अलावा, राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को जीवनकाल में एक बार 25 लाख रुपये तक की संपत्ति क्रय करने पर 25 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे सेवा क्षेत्र को वैधानिक पात्रता मिलेगी और उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे।
खनन क्षेत्र में सुधार के तहत छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित करने की अनुमति दी गई है। साथ ही अवैध खनन पर 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन क्षेत्र में दुधारू पशु प्रदाय योजना में संशोधन कर सभी वर्गों को शामिल किया गया है। वहीं, पशुओं के टीकाकरण के लिए National Dairy Development Board की सहायक कंपनी Indian Immunologicals Limited से टीकों की खरीदी को मंजूरी दी गई है।
मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्व के तहत 10,536 करोड़ रुपये की अतिरिक्त भुगतान राशि की वापसी के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इस राशि का भुगतान मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक की उपलब्धता और राज्य में LPG गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
