छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सोमवार सुबह भिलाई, दुर्ग और महासमुंद समेत प्रदेश के कई जिलों में एक साथ दबिश दी। सूत्रों के अनुसार, 30 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े अधिकारियों और व्यापारियों के परिसरों पर की गई है।
सुबह-सुबह जब टीमों ने दस्तक दी, तो स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच छापेमारी चली, जिसमें दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और लेन-देन से जुड़े अहम सबूत जब्त किए गए हैं। EOW की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जो कथित घोटाले में संलिप्त लोगों की कुंडली खंगालने की तैयारी का संकेत देती है।
जांच एजेंसी का फोकस उन वित्तीय लेन-देन पर है, जिनका संबंध शराब की खरीदी-बिक्री और कमीशन के जरिए हुए कथित भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन परिसरों पर छापे मारे गए हैं, वहां से मिली जानकारी को आगे की जांच के लिए केंद्र में रखा जाएगा।
EOW अधिकारियों ने छापेमारी की पुष्टि तो की है, लेकिन विस्तृत जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज है और अनुमान लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।