रायपुर, 19 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने कल विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यधारा में लौटने की अपनी खुशी और अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से उनके पूर्व जीवन और वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान नक्सलियों ने बताया कि पहले उनका जीवन जंगलों में भय और असुरक्षा के बीच गुजरता था, लेकिन अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों ने यह भी बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है, जिससे उनकी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है। कुछ ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को अपने परिवार के साथ मनाया, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा संकेत भी है। उन्होंने कहा कि संविधान में विश्वास जताकर इन सभी ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को जल्द ही पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।
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