नई दिल्ली: सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि असम में 80,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं पर काम जल्द ही शुरू होगा। इस पहल के तहत ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे एक सुरंग, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक एलिवेटेड कॉरिडोर और गुवाहाटी रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा।
‘एडवांटेज असम 2.0 व्यापार शिखर सम्मेलन’ में सड़क, रेलवे और नदी अवसंरचना पर आयोजित सत्र को ऑनलाइन संबोधित करते हुए गडकरी ने बताया कि 2029 तक उनके मंत्रालय के तहत असम में कुल तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इसके अलावा, राज्य में पहले से ही 60,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम जारी है, जो विभिन्न चरणों में पूरी हो रही हैं।
उन्होंने कहा, “इन परियोजनाओं से न केवल असम के भीतर संपर्क में सुधार होगा, बल्कि त्रिपुरा और नगालैंड के साथ सड़क संचार को भी बढ़ावा मिलेगा।”
गडकरी ने बताया कि 80,000 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं में प्रमुख रूप से नुमालीगढ़ और धौलपुर को जोड़ने वाली ब्रह्मपुत्र के नीचे 15,000 करोड़ रुपये की सुरंग, काजीरंगा में 6,000 करोड़ रुपये का एलिवेटेड कॉरिडोर और गुवाहाटी रिंग रोड शामिल हैं। इसके अलावा, जोगीघोपा में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स केंद्र लगभग पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही खोला जा सकता है।
बांस आधारित उद्योगों में असम की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि यह राज्य के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा, खासकर ईंधन निर्माण और अन्य क्षेत्रों में।
मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिकांश परियोजनाओं को उनके मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और 2014 से इस क्षेत्र में किए गए निवेश से यह साफ दिखता है।”
गडकरी ने निवेश के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “निवेश से ही नौकरियां सृजित होती हैं, और रोजगार सृजन से ही लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार सबसे जरूरी है, क्योंकि इससे अन्य क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
