रायपुर संभाग में महिला आयोग की महा जनसुनवाई: 292 मामलों की सुनवाई, कई प्रकरणों का हुआ निराकरण
रायपुर, 12 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा रायपुर संभाग में आयोजित महा जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आयोजित इस सुनवाई में रायपुर संभाग के पांच जिलों—रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी और महासमुंद—से आए कुल 292 प्रकरणों पर सुनवाई हुई।
महिला आयोग के इस विशेष आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग, संरक्षण अधिकारी, सखी केंद्र, विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों का सहयोग रहा। इस दौरान कई मामलों में तत्काल समाधान निकालते हुए कई प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया।
292 मामलों की हुई सुनवाई
महा जनसुनवाई में विभिन्न जिलों से आए मामलों में से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया।
जिलावार नस्तीबद्ध मामलों का विवरण इस प्रकार है:
- बलौदाबाजार: 43 में से 16 मामले
- धमतरी: 12 में से 7 मामले
- रायपुर: 199 में से 115 मामले
- महासमुंद: 23 में से 6 मामले
- गरियाबंद: 15 में से 4 मामले
सुनवाई में कुल 62 पक्षकार उपस्थित हुए जबकि अन्य मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए अगली तिथि तय की जाएगी।
पति का किन्नर से संबंध, पत्नी ने मांगी कार्रवाई
सुनवाई के दौरान एक मामले में महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति एक किन्नर के साथ संबंध में है, जिसके कारण उसका वैवाहिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
आयोग की समझाइश के बाद पति ने पत्नी को आजीवन भरण-पोषण के लिए 5 लाख रुपये देने की बात कही, जिसे तीन किश्तों में देने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि महिला इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुई और उसने पति तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की।
इस मामले में आयोग ने मुंगेली के एसपी के माध्यम से सभी पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
पति के अवैध संबंध का मामला, दूसरी महिला को नारी निकेतन भेजने की अनुशंसा
एक अन्य मामले में महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति बिना तलाक लिए दूसरी महिला के साथ रह रहा है और उसी के उकसावे पर उसके साथ मारपीट करता है।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से दोनों के संबंधों की पुष्टि होने पर आयोग ने गंभीर रुख अपनाया।
महिला आयोग ने पाया कि आरोपी पति शासकीय सेवा में रहते हुए यह कृत्य कर रहा है, जो सेवा नियमों का उल्लंघन है। इस पर आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी को आरोपी के निलंबन की अनुशंसा करने का पत्र भेजने का निर्णय लिया।
साथ ही आयोग ने कहा कि दूसरी महिला के पास रहने का स्थान नहीं है और उसे महिला का घर तोड़ने के लिए जिम्मेदार पाया गया है। इसलिए उसे नारी निकेतन भेजने की अनुशंसा की गई।
घरेलू विवादों में समझाइश से समाधान
सुनवाई में कई पारिवारिक विवादों को समझाइश के जरिए सुलझाया गया। एक मामले में पति ने अपने दो बच्चों के भरण-पोषण के लिए प्रति माह 4 हजार रुपये देने की सहमति दी।
वहीं एक अन्य मामले में सास-ससुर और बहू के बीच चल रहे घरेलू विवाद में आयोग ने प्रोटेक्शन अधिकारी को एक वर्ष तक निगरानी रखने के निर्देश दिए।
तांत्रिक के वीडियो से बदनामी, मानहानि केस की सलाह
एक मामले में महिला ने बताया कि एक तांत्रिक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाया कि उसकी तबीयत खराब होने के पीछे आवेदिका द्वारा किया गया टोना-टोटका है।
इससे महिला की सामाजिक छवि प्रभावित हुई। आयोग ने महिला को संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का आपराधिक मामला दर्ज कराने की सलाह दी। आरोपियों ने आयोग के सामने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया।
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